Wednesday, October 30, 2013

वो सुबह कभी तो आयेगी, वो सुबह कभी तो आयेगी

वो सुबह कभी तो आयेगी, वो सुबह कभी तो आयेगी
इन काली सदियों के सर से, जब रात का आँचल ढलकेगा
जब दुःख के बादल पिघलेंगे, जब सुख का सागर छलकेगा
जब अंबर झूम के नाचेगा, जब धरती नग्में गायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

जिस सुबह की खातिर जुग जुग से, हम सब मर मर कर जीते हैं
जिस सुबह के अमृत की धून में, हम जहर के प्याले पीते हैं
इन भूखी प्यासी रूहों पर, एक दिन तो करम फर्मायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

माना के अभी तेरे मेरे अरमानों की क़िमत कुछ भी नहीं
मिट्टी का भी हैं कुछ मोल मगर, इन्सानों की क़िमत कुछ भी नहीं
इन्सानों की इज़्ज़त जब झूठे सिक्कों में ना तोली जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी


Lyricist : Saahir Ludhiyanvi, Singer : Asha Bhosle - Mukesh, Music Director : Khayyam, Movie : Phir Subah Hogi - 1958 :

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